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SURAJ HUA MADDHAM — SANDESH SHANDILYA

Paroles · SANDESH SHANDILYA

SURAJ HUA MADDHAM

SANDESH SHANDILYA

2001

सूरज हुआ मद्धम, चाँद जलने लगा
आसमाँ ये, हाय, क्यूँ पिघलने लगा?

सूरज हुआ मद्धम, चाँद जलने लगा
आसमाँ ये, हाय, क्यूँ पिघलने लगा?

मैं ठहरा रहा, ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल, साँस थमने लगी
हो, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?
सजना, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?

सूरज हुआ मद्धम, चाँद जलने लगा
आसमाँ ये, हाय, क्यूँ पिघलने लगा?

मैं ठहरी रही, ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल, साँस थमने लगी
हाँ, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?
सजना, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?

है ख़ूबसूरत ये पल, सब कुछ रहा है बदल
सपने हक़ीक़त में जो ढल रहे हैं
क्या सदियों से पुराना है रिश्ता ये हमारा?
कि जिस तरह तुमसे हम मिल रहें हैं

यूँ ही रहे हर-दम प्यार का मौसम
यूँ ही मिलो हमसे तुम जनम-जनम

Mmm, मैं ठहरा रहा, ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल, साँस थमने लगी
हाँ, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?
सजना, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?

तेरे ही रंग से यूँ मैं तो रंगी हूँ, सनम
पा के तुझे ख़ुद से ही खो रही हूँ, सनम
ओ, माहिया, वे तेरे इश्क़ में
हाँ, डूब के पार मैं हो रही हूँ, सनम

सागर हुआ प्यासा, रात जगने लगी
शोलों के दिल में भी आग जलने लगी

मैं ठहरी रही, ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल, साँस थमने लगी
क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?
सजना, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?

सूरज हुआ मद्धम, चाँद जलने लगा
आसमाँ ये, हाय, क्यूँ पिघलने लगा?

सजना, क्या ये मेरा पहला-पहला प्यार है?

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