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HUNGAMA HO GAYA — ASHA BHOSLE

Paroles · ASHA BHOSLE

HUNGAMA HO GAYA

ASHA BHOSLE

2014

हाँ, जाम भी है, हाँ-हाँ, शाम भी है
हाय-हाय, चोरी नहीं, सारा आम भी है
सब ने पी है, मुझ पे इल्ज़ाम क्यूँ है?
ख़्वाह-मख़ाह मेरा नाम बदनाम क्यूँ है?
देखो ना, लोगों ने बोतलों की बोतलें
ख़त्म कर दी तो कुछ ना हुआ

मगर, मगर मैंने होंठों से लगाई तो
हंगामा हो गया, हाँ-हाँ-हाँ-हाँ, हंगामा हो गया
हंगामा, हंगामा हो गया
मुझे यार ने पिलाई तो
हंगामा हो गया, हाँ-हाँ-हाँ-हाँ, हंगामा हो गया
हंगामा, हंगामा हो गया

दिन को क़समें खाते हैं, तौबा-तौबा करते हैं
दिन को क़समें खाते हैं, तौबा-तौबा, तौबा करते हैं
शाम होती है तो फिर प्याले भरते हैं
रात को सब पीते हैं, सुबह को सब डरते हैं

क्या कशिश है इस में सब इस पे मरते हैं?
कैसे ये लोग हैं, पता नहीं क्या करते हैं
कौन सी बात है इस में, सब इसको अपनाते हैं
देखो ना, सबको तमाशा दिखाते हैं
गिरते हैं, लड़खड़ाते हैं, शोर मचाते हैं
उनको तो आप कुछ नहीं कहते

मगर, मगर मुझे हिचकी जो आई तो
हंगामा हो गया, हाँ-हाँ-हाँ-हाँ, हंगामा हो गया
हंगामा, हंगामा हो गया

क्यों घबरा गए, शरमा गए, या ग़ुस्सा खा गए?
क्यों घबरा गए, शरमा गए, या ग़ुस्सा खा गए?
हाथ लगाने से इतना तिलमिला गए
अरे, हुस्न वाले तो आग लगा देते हैं
फ़ना कर देते हैं, होश उड़ा देते हैं

दिल, जिगर, चैन, आराम
रातें, सुबह, दोपहर और शाम छीन ले जाते हैं
और आँख चुरा लेते हैं
सामने रुठते हैं और आप बोल नहीं पाते हैं
देखो ना, दर्द, ठेस और ज़ख़्म दे जाते हैं
तो आप कुछ नहीं कहते हैं

मगर, मगर मैंने आँख जो मिलाई तो
हंगामा हो गया, हाँ-हाँ-हाँ-हाँ, हंगामा हो गया
हंगामा, हंगामा हो गया

मुझे यार ने पिलाई तो
हंगामा हो गया, हंगामा...

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