तू ख़्वाब है 'गर कोई, चाहूँ कभी टूटे ना
रूठे भले ज़िंदगी, तू पर कभी रूठे ना
तू ख़्वाब है 'गर कोई, चाहूँ कभी टूटे ना
रूठे भले ज़िंदगी, तू पर कभी रूठे ना
झूठा लगे जहाँ, तुम सही बन गए
दिन-रात, क्या सुबह, तुम सभी बन गए
हाँ, हँसी बन गए, हाँ, नमी बन गए
तुम मेरे आसमाँ, मेरी ज़मीं बन गए
हाँ, हँसी बन गए, हाँ, नमी बन गए
तुम मेरे आसमाँ, मेरी ज़मीं बन गए
कहती है दुनिया मुझे एक-तरफ़ा आशिक़ तेरा
चाहूँ तुझे दूर से, इतना तो हक़ है मेरा
कहती है दुनिया मुझे एक-तरफ़ा आशिक़ तेरा
चाहूँ तुझे दूर से, इतना तो हक़ है मेरा
आती है घर मेरे वो गली बन गए
तुम आख़िरी वजह, पहली ख़ुशी बन गए
हाँ, हँसी बन गए, हाँ, नमी बन गए
तुम मेरे आसमाँ, मेरी ज़मीं बन गए
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