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DILLAGI — ABHIJEET SAWANT

Paroles · ABHIJEET SAWANT

DILLAGI

ABHIJEET SAWANT

दा ना दा ना दा ना दे ना ना
दा ना दे
ये मेरे दिल में कैसा जुनून
मन को क्यूँ ना मिले अब सुकून
आ आ आ आ
ये मेरे दिल में कैसा जुनून
मन को क्यूँ ना मिले अब सुकून
दिल्लगी का जुनून
ज़िन्दगी का जुनून
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
खोया सब कुछ तो क्या हुआ
पाने का अब मुझे है जुनून
आंसू अगर भी मिले
हँसने का है जुनून
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है
है आँखों में जुनून
है आँखों में जुनून
है ख्वाबों में जुनून
है ख्वाबों में जुनून
सपनो को फिर सजाये
उमीदों को जगाये
ये जुनून
है बातों में जुनून
है बातों में जुनून
हर वादों में जुनून
हर वादों में जुनून
अरमानों के दिये में जैसे
लौ फिर जलाये ये जुनून
हाँ ये जुनून हाँ ये जुनून
ज़िन्दगी इन्तेहा है तो क्या
मंजिलों का मुझे है जुनून
सुनी राहों में भी
हम सफ़र का जुनून
हम सफ़र का जुनून
हम सफ़र का जुनून
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
जुनून जुनून जुनून
जुनून जुनून जुनून जुनून
चढ़ रहा है
चढ़ रहा है (दा ना)
चढ़ रहा है (दा ना)
चढ़ रहा है (दा ना दे ना)
चढ़ रहा है (दा ना दे)

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