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SUNLO ZARA

A.R. RAHMAN

ऐ नाजनीन सुनो ना

ऐ नाजनीन सुनो ना
हमे तुम पे हक तो दो ना, चाहे तो जान लो ना
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए, के होंठ जैसे खुद ही सिल गए
ये होंठ जैसे खुद ही सिल गए

ऐ नाजनीन सुनो ना
हमे तुम पे हक तो दो ना, चाहे तो जान लो ना
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे
होंठ जैसे, खुद ही सिल गए
ये होंठ जैसे, खुद ही सिल गए

लगता हैं के तुम को, रब ने बनाया जिस दम
अपनी कुदरतों को उसने, तुम में कर दिया था गुम
इस जहां को हुस्न बांटना भी कर दिया था कम
तिखे तिखे नैन नक्श तेरे, कलियों से कोमल होंठ तेरे
फुलों से नाजुक पाँव तेरे, दोनो जहां कुर्बान तेरे
तराशा प्यार से जिसे रब ने वो मूरत हो तुम
संतराशों की जैसे देवी तुम
तराशा प्यार से जिसे रब ने वो मूरत हो तुम
संतराशों की जैसे देवी तुम
तुमसा जहां में कोई ना

ऐ नाजनीन सुनो ना
हमे तुम पे हक तो दो ना, चाहे तो जान लो ना
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे
होंठ जैसे, खुद ही सिल गए

परदा खयालों का हैं, सचमुच जरा सामने आ
चांद को मैं तकता हूँ पर तेरी शक्ल आँखों में
जी जलाए चांदनी भी ठंडी ठंडी रातों में
नाता निंदो से टूट गया, तेरे लिए ऐ मेरे हसीन
दिल को यकीन ये भी हैं मगर, आएगा ऐसा दिन भी कभी
जब मुलाकातें भी होंगी, मीठी सी बातें भी होंगी
प्यार भरी रातें भी होंगी, देखना

जब मुलाकातें भी होंगी, मीठी सी बातें भी होंगी
प्यार भरी रातें भी होंगी, देखना
आने की खबर दो ना

ऐ नाजनीन सुनो ना, ऐ नाजनीन सुनो ना
हमे तुम पे हक तो दो ना, चाहे तो जान लो ना
के देखा तुम्हें तो होश उड़ गए
होंठ जैसे
होंठ जैसे, खुद ही सिल गए

ये होंठ जैसे, खुद ही सिल गए
होंठ जैसे, खुद ही सिल गए

Paroles à titre informatif uniquement.

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